आपकी ज़िद्दी खाँसी... क्या ब्रोंकाइटिस का लक्षण है...?

आपकी-ज़िद्दी-खाँसी-क्या-ब्रोंकाइटिस-का-लक्षण-है-दमा-खांसी-Bronchitis-vb-good-thoughts-सर्दी-जुकाम
आपकी-ज़िद्दी-खाँसी-क्या-ब्रोंकाइटिस-का-लक्षण-है...?

 आपकी ज़िद्दी खाँसी... क्या ब्रोंकाइटिस का लक्षण है...?

 

नमस्कार मित्रों, लगभग पांच साल से मुझे सर्दी, हल्का सरदर्द, और कफ की शिकायत
हो रही थी, ये लक्षण मुझे जब भी होते थे... तो मै डॉक्टर के पास जाकर दवाई लेता था. 
वो मुझे एक हप्ते की दवाई देते और आगे के चार आठ दिन अच्छे से निकल जाते थे.
ऐसा ही कुछ सालो से चलता आ रहा था. इस बिच में मैंने दो बार छाती का एक्सरे भी 
कराया. डॉक्टर ने एक्सरे देखकर बोले... सिर्फ छाती में थोड़ा सा कफ जमा हुवा है...!

 

बिच में एक दिन पूंछा की ये बार बार क्यों हो जाता है... सर ने मुझे धुल की एलर्जी
बताई... मै धुल से बचने की कोशिश करता रहा... लेकिन समस्या जस की तस थी.
लेकिन दो महीने पाहिले मैंने सर से कहा की कुछ उपाय बताये...
ये बार बार हो जाता है... तब सर ने चेस्ट स्पेसिलिस्ट डॉक्टर पुनीत झवर सर से
मिलने को कहा... 

पुनीत जी ने मेरा चेस्ट एक्सरे निकलवाया और कुछ टेस्ट की जिसमे
ये सामने आया की मुझे ब्रोंकाइटिस के सुरुवाती लक्षण है...  

मुझे इसके बारे में जानने की बहुत उत्सुकता हुई... तो मै सर से पूछने लगा...
सर ने जो बताया वो ही मै अपने शब्दों में आपके साथ शेयर कर रहा हु...
जिससे आपको या आपके किसी पहचान वाले को ये लक्षण हो तो 
सतर्क हो कर इलाज कराले... तुरंत किसी स्पेसिलिस्ट से सलाह ले, 
मेरे जैसी लापरवाही न बरते...

 

जिस मार्ग से हमारे फेफड़ों में श्वास आती - जाती हैं... उस अंग को श्वासनलि
कहते है. अगर हमारे श्वासनलि में जलन और सूजन हो जाए तो आपको
ब्रोंकाइटिस (Bronchitis ) हो सकता हैं.
यह एक प्रकार का उसकाव है जिसकी वजह से श्वासनलि ज़्यादा कफ बनाती है.

 डॉ. पुनीत झवर ( Respiratory Medicine, Consultant Chest Physician 
& interventional pulmonologist ) बताते है की... ब्रोंकाइटिस के रोगी ज़्यादातर
ज़िद्दी खाँसी और कई बार उसमें निकलने वाले कफ की शिकायत करते हैं.

डॉ. पुनीत सर ने मुझे विस्तार से बताने को कहा... मैंने अपनी स्थिति के बारे में विस्तार
से बताया और कितने दिनों से मुझे कफ हो रहा है... डॉ. पुनीत ने स्टेथस्कोप लगाकर 
मेरी जाँच की. जब सर ने मेरे फेफड़ों की ध्वनि को सुना तो उन्हें ब्रोंकाइटिस का 
अंदेशा हुआ.

 सर ने मुझे ब्रोंकाइटिस की संभावना के बारे में बताया और मै ब्रोंकाइटिस के 
लक्षणों के बारे में जानने के लिए बहुत ही उत्सुक हो गया.
ब्रोंकाइटिस के लक्षण है... खाँसी, कफ का बनना, सर दर्द, नाक बहना
कुछ लोगों को सांस लेने में कठिनाई भी होती है.

सर ने बताया ब्रोंकाइटिस दो प्रकार के होते है...! एक अक्यूट ब्रोंकाइटिस 
और दूसरा क्रानिक ब्रोंकाइटिस. इन के लक्षणों में बहुत ज्यादा अंतर नहीं होता. 
लेकिन अंतर इनके कालावधि और परिस्तिथि में होता है.

पुनीत सर बताते है की... अक्यूट ब्रोंकाइटिस में सर्दी- जुखाम जैसे लक्षण महसूस 
होते हैं. जैसे.. जुकाम होना... लगातार नाक बहाना... कफ के साथ खाँसी आना 
और हल्का – हल्का सर का दुखना... यह आमतौर पर एकाध हफ्ते में ठीक होने 
लगता है.

 

क्रानिक ब्रोंकाइटिस एक गंभीर रोग है जिसमें श्वासनलि मे हमेशा जलन या
सूजन रहती हैं और अक्सर यह धूम्रपान से ही होता हैं.
क्रानिक ब्रोंकाइटिस में समय के साथ खाँसी और संबंधित लक्षण दिन ब दिन बुरे होते
जाते है. कई बार तो... इसमें खाँसी तीन से चार महीनें या उससे भी अधिक तक रह
सकती है.

 ब्रोंकाइटिस में सांस लेने में कठिनाई हो सकती है जिसकी वजह से बहुत लोग

ब्रोंकाइटिस और दमा के रोग को सामान्य समझते है.
सर ने जब ये बताया तो मुझे और उत्सुकता बढ़ी इन दोनों में क्या अंतर है 
ये जानने की...

 दमा और ब्रोंकाइटिस में क्या अंतर होता हैं...?

 सर ने मुझे आराम से बताया की... सबसे महत्वपूर्ण बात...  ब्रोंकाइटिस में श्वास नलियाँ

( Bronchial Tubes ) में सूजन और जलन होती है पर दमा में वायुमार्ग सिकुड़ और
सूज जाते है. बहुत बार बदलते मौसम के वजह से भी ब्रोंकाइटिस हो सकता है...! 
लेकिन दमा... मौसम की वजह से नहीं होता. मौसमी परिवर्तन की वजह से दमा बदतर 
हो सकता हैं पर वह इसके पीछे का कारण नहीं हैं.
ब्रोंकाइटिस में खाँसी होना एक प्रमुख लक्षण है पर दमा में खाँसी होना ज़रूरी नहीं हैं.

 मैंने सर से पुछां की ये दोनों तरह के ब्रोंकाइटिस होने के क्या कारण है...?

 तो सर ने बताया... अक्यूट ब्रोंकाइटिस के पीछे अधिकतर वाइरस का हाथ होता है.
यह वायरस ज़्यादातर फ़्लू और जुखाम के लिए भी ज़िम्मेदार होता है.
क्रानिक ब्रोंकाइटिस का सबसे आम कारण धुम्रपान करना है.

 

सर ने ये भी बताया की वायु प्रदूषण, धूल-मिट्टी और जहरीली गैस भी 
क्रानिक ब्रोंकाइटिस के कारण हो सकते हैं.

 ब्रोंकाइटिस का उपचार

 पुनीत सर ने कहा... अक्यूट ब्रोंकाइटिस में उपचार की  ज़रूरत नहीं पड़ती और यह 

अधिकतर कुछ हफ्तों में खुद ठीक हो जाता है.

 आम तौर पर ब्रोंकाइटिस का कारण वायरस होता है...! इसलिए एंटीबायोटिक

दवाओं का इन पर कोई असर नहीं पड़ता.

 लेकिन अगर आपके डॉक्टर को ब्रोंकाइटिस का कारण बैक्टीरिया लगता है तो...

वह आपको एंटीबायोटिक दवा देने का विचार कर सकते है.

 कुछ परिस्थितियों में आपके डॉक्टर आपको खाँसी की दवाई भी दे सकते है... 

अगर आप खाँसी की वजह से आराम नहीं कर पा रहे हो तो आपके डॉक्टर

आपको खाँसी की दीवाई नियमित कर सकते हैं.

 

दूसरी दवाई...  यदि आपको एलर्जी, दमा या क्रानिक अब्स्ट्रक्टिव फेफड़ों का रोग

(COPD) है. तो आपके डॉक्टर शायद श्वासयंत्र (inhaler) और अन्य दवाई दे सकते हैं.

इससे जलन और सूजन में आराम मिल सकता है और ट्यूब खुल सकते हैं.

 

डॉ. पुनीत सर ने मेरे ब्रोंकाइटिस की स्तिथि को समझाते हुए मुझे कफ के लिए कुछ

दवाई दी और इन्हेलर लेने की सलाह दी.

 

पुनीत सर के उपचार से मुझे डेढ़ महीने में काफी आराम मिला. जब मै सर से 

तीसरी बार मिला तो उनसे बात की और बताया की मुझे आपकी दवाई से पचास प्रतिसत 

आराम है...! आप मुझे कृपया बताये की आपकी दवाई के साथ साथ मै अपना ध्यान घर पर 

स्वयं कैसे कर सकता हूँ.

 ब्रोंकाइटिस के घरेलु इलाज के लिए कुछ चीज़ों का ध्यान रखें.

 धूम्रपान बिलकुल्ल भी न करे. यदि आपके आजू बाजु धुम्रपान हो रहा है तो आप 

दूर हो जाये. धूम्रपान का धुँआ आपके लिए बहुत हानिकारक है.

घर से बाहर जाने से पहले मास्क पहने या अपना मुँह और नाक को कपड़े से ढक ले.

ख़ास तौर पर जब आप प्रदूषण, पेंट या सफ़ाई करनेवाले उत्पादन के संपर्क में आए.

सर ने ये भी बताया की ब्रोंकाइटिस की देखभाल करना ज़्यादा मुश्किल नहीं है...!

बस... आपको थोड़ासा ध्यान और देखभाल करने की आवश्यकता होती है.

आप सुरक्षात्मक उपायों जैसे मास्क को अपनाए और समय - समय पर अपनी नियमित

जाँच करवाएं.

 

अगर आपको अपना ब्रोंकाइटिस बदतर होतें हुई दिखें तो....

अपने डॉक्टर से सलाह लेने में बिलकुल्ल भी हिचकिचाए नहीं...!

खुश रहे... स्वस्थ रहे.

Post a Comment

0 Comments