Neem Oil - नीम का तेल एक दिव्य औषधि - नीम आयल के फायदे - benifit of neem oil in hindi

 Neem Oil - नीम का तेल एक दिव्य औषधि - नीम आयल के फायदे - benifit of neem oil in hindi

Neem Oil - नीम का तेल एक दिव्य औषधि - नीम आयल के फायदे - benifit of neem oil in hindi-vijay bhagat vb good thoughts
Neem Oil - नीम का तेल एक दिव्य औषधि - नीम आयल के फायदे - benifit of neem oil in hindi
नीम का पेड़ प्रकृति से मिला हुवा सूंदर उपहार है. इस पेड़ की हर एक चीज बहुत ही उपयोगी है. 
फिर चाहे वो निम् के पेड़ की छाल हो, पत्ते हो या फिर फल, सभी बहुत उपयोगी है.
नीम को आयुर्वेद में तो सर्व रोग निवारण की उपाधि दी गई है. क्योंकि इसमें बहुत से 
रोगों का निवारण करने की क्षमता है. 

इस लेख में हम नीम के तेल की बात करेंगे...! जो कि गंध और स्वाद में कड़वा जरूर होता है 
लेकिन प्रथम श्रेणी का कीटाणुनाशक होता है.

 यह तेल चर्म रोगों बहुत में लाभदायक होता है. गर्भ निरोधक के रूप में भी काम आता है.
अगर दांतों और मसूड़ों की समस्या हो तो... मंजन में तेल की कुछ बूंदों मिला कर मले, आराम होगा.
कील - मुंहासों के लिए भी नीम का तेल लगाने से लाभ होता है. चेचक के दाग दूर करने के लिए 
नीम की निबोली का तेल बहुत आराम देता है.

नीम का तेल गंजेपन की समस्या में भी फायदेमंद है, इस समस्या में तेल सिर में लगाये. 
 सिर में जूएं-लीखें होने पर निम का तेल एक घंटे तक लगाकर रखे.
बालों को स्वस्थ, चमकदार, और बालो का सूखापन दूर करने के लिए, बालो की जड़ो को मजबूत 
करने के लिए, असमय बालो को सफ़ेद होने से भी रोकता है.

बाल के लिए,सूखापन दूर करने के लिए बहुत उपयोगी  हे. बालों के झड़ने की समस्या में कुछ
 हद तक मदद करता है, लेकिन बड़ी समस्या हो तो फायदा नहीं करता.

नीम मच्छरों को दूर रखता है और यह आपकी त्वचा के लिए अच्छा है.

नीम का तेल एक जैविक कीटनाशक के रूप में काम करता है. नीम के तेल से हार्मोनल संतुलन
 को बाधित किये बिना कीटक मर जाते हैं.

 किसानों के लिए यह जैविक कीटनाशक होने से बहुत फायदेमंद है. नीम तेल पर्यावरण अनुकूल है.
 यह तेल जमीन या पानी की आपूर्ति में कोई भी हानिकारक पदार्थ नहीं मिलाता.
 खेती में  मधुमक्खियों और केंचुए के जैसे उपयोगी कीटको को कोई भी नुकसान नहीं पहुंचाता.


  • नीम के तेल की मालिश से जोड़ों में दर्द हो तो लाभ होता है.

  • हाथीपाव के रोगी को 5 से 10 बूंद नीम का तेल प्रतिदिन 2 बार सेवन करना चाहिये. 

  • शरीर में जलने की वजह से जख्म हो जाने पर नीम का तेल लगाने से जख्म जल्दी ठीक हो जाती हैं.
         जीवाणुओं के संक्रमण (फैलने) से भी सुरक्षा होती है. 

  • दूध में मिलाकर आधा चम्मच नीम का तेल सुबह - शाम पीने से रक्तप्रदर और दुसरे प्रकार के
         प्रदर रोग निश्चित रूप से बन्द हो जाते है.

  • कान में फुंसिया होने पर या फुंसियों में जलन होती हो तो नीम का तेल लगाने से यह समस्या 

         दूर हो जाती है.

  • नीम के तेल के साथ  बराबर मात्र में  ही तिल का तेल मिलाकर फुंसियों पर लगाने से आराम आता है.
         और कान के दर्द और कान बहने में भी नीम यह तेल लगाने से लाभ मिलता है. है.

  • नीम का तेल और शहद समान मात्रा में लेकर अच्छी तरह मिला लें. फिर इसकी 2 - 2 बूंदे प्रतिदिन 

         1 से 2 महीने तक कान में डाले. हमेशा कान के बहने  की समस्मेंया में लाभ मिलता है.

  • नीम के तेल की मालिश करने से सिरदर्द में आराम आता है.

  • सरसों तेल और नीम तेल में थोड़ा कपूर मिला ले. फिर इस तेल का दिया जलाने से कीड़े और मच्छर दूर रहते है.

  • आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी में अनियमित दिनचर्या और काम का तनाव के कारण समय से पहले ही चेहरा अपनी रंगत खोने लगता है. ऐसे में अगर प्रतिदिन नीम के तेल का उपयोग करे तो चेहरे की रंगत को बरकरार रखा जा सकता है.

  • नीम के तेल के प्रयोग करने से आपके चेहरे पर झुर्रियां नहीं पड़ती और यह आपकी बढ़ती उम्र को छुपाने के काम में आता है. इसमें ऐसे कण होते हैं जो बढ़ती उम्र में चेहरे के बदलाव को रोकने में सक्षम है. आप इसे नहाने से 10 मिनट पूर्व लगाइए और फिर गुनगुने पानी से अपना चेहरा धो लें. 

  • इसका इस्तेमाल रात्रि में भी किया जा सकता है रात में सोने से पहले इससे अपने चेहरे पर लगाने और सुबह उठकर अपना चेहरा धो लें. यह उपाय नियमित करते रहने से कुछ ही दिनों में आपको फर्क महसूस होगा और आपकी त्वचा अपना असली रंग और तेज वापस पा लेगा. मन भी आपका प्रफुल्लित रहेगा. 





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